सालों से कार्यालयों में जमे 53 पुलिसकर्मियों को भेजा लाइन:: एसएसपी अमित पाठक | आगरा

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सालों से कार्यालयों में जमे 53 पुलिसकर्मियों को भेजा लाइन:: एसएसपी अमित पाठक | आगरा


Saturday, October 14 2017
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

सालों से कार्यालयों में जमे 53 पुलिसकर्मियों को भेजा लाइन:: एसएसपी अमित पाठक

आगरा: सालों से कार्यालयों में जमे दर्जनों पुलिसकर्मियों को यही नहीं पता था कि वहां उनका क्या काम है। एसएसपी अमित पाठक ने दो दिन तक सभी कार्यालयों का जायजा लेने के बाद ऐसे 53 पुलिसकर्मी शुक्रवार को लाइन भेज दिए। इनमें प्रोन्नत उप निरीक्षक से लेकर सिपाही तक शामिल हैं।

एसएसपी कार्यालय समेत गुमशुदा प्रकोष्ठ, मानव तस्करी निरोधक यूनिट, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान प्रकोष्ठ, सिटीजन चार्टर सेल, मानवाधिकार आयोग सेल एवं सम्मन सेल, सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ आदि अनुभाग में दर्जनों पुलिसकर्मी सालों से जमे हुए थे। इनमें संख्या से अधिक लोगों की तैनाती थी। एसएसपी ने इन सभी अनुभागों का 10 और 12 अक्टूबर को ऑडिट किया। वहां तैनात पुलिसकर्मियों से उनके काम के बारे पूछा। इनमें से कई पुलिसकर्मी उक्त अनुभाग में क्या काम करते हैं, यह तक नहीं बता सके।

कुछ पुलिसकर्मी ऐसे थे, जिनका स्थानांतरण हो चुका था। इन सभी की सूची बनाने के बाद एसएसपी ने शुक्रवार को गश्ती जारी करके उन्हें लाइन भेजने के आदेश जारी किए। लाइन भेजे गए लोगों में सबसे ज्यादा सिटीजन चार्टर और मानव तस्करी निरोधक यूनिट के चार-चार एवं मानवाधिकार आयोग के तीन पुलिसकर्मी थे।

पीड़ितों के फीड बैक को सेल गठित पीड़ित की शिकायत पर थाने के लोग अब अधिकारियों को आसानी से गुमराह नहीं कर सकेंगे। एसएसपी ने फीड बैक सेल गठित की है। यह सेल एसएसपी कार्यालय आने वाले पीड़ितों की शिकायत का अपने यहां रिकार्ड रखेगी। पीड़ित को शिकायत के निस्तारण की एक निश्चित सीमा दी जाएगी। इसके बाद सेल पीड़ित से सीधे फोन पर बात करेगी कि शिकायत के निस्तारण के साथ ही उसका फीड बैक लेगी कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है कि नहीं।

थाने से संतुष्ट न होने पर एसएसपी शिकायत प्रकोष्ठ करेगा जांच

पीड़ितों द्वारा एसएसपी के यहां शिकायत करने पर थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। कई बार यह देखा जाता है कि पीड़ित इसके बाद भी एसएसपी कार्यालय के चक्कर काटता रहता है, क्योंकि वह थाने की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता। इसके लिए अलग से एसएसपी शिकायत प्रकोष्ठ गठित किया गया है। यह सेल थाने की कार्रवाई से संतुष्ट न होने वाले पीड़ितों की अपने स्तर से जांच करेगा। एसएसपी ने सेल में दो इंस्पेक्टर, चार उप निरीक्षक और छह सिपाही तैनात किए हैं।

'सभी को अपनी पूरी क्षमता से काम करना होगा। कार्यालयों में जमे अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लाइन भेजा गया है। वह अपराध नियंत्रण पर काम करने और शहर के ट्रैफिक को सुधारने में अपना योगदान देंगे। पीड़ितों के लिएफीड बैक सेल गठित किया है, जो उनसे सीधे बात करेगा। वहीं, एसएसपी शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया गया है, जो थाने की कार्रवाई से संतुष्ट न होने वाले पीड़ितों की अपने स्तर से जांच करेगा।'

अमित पाठक एसएसपी

 

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