अलीगढ़:--माँ त्रिपुर भैरवी की उपासना से मिलती है सर्वसंपदा : डॉ ब्रजेश शास्त्री। | अलीगढ़

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अलीगढ़:--माँ त्रिपुर भैरवी की उपासना से मिलती है सर्वसंपदा : डॉ ब्रजेश शास्त्री। | अलीगढ़


Wednesday, December 06 2017
गौरव रावत, रिपोर्टर अलीगढ

अलीगढ़:--माँ त्रिपुर भैरवी की उपासना से मिलती है सर्वसंपदा : डॉ ब्रजेश शास्त्री।

माँ त्रिपुर भैरवी की उपासना से मिलती है सर्वसंपदा : डॉ ब्रजेश शास्त्री 
अलीगढ़ | मार्गशीर्ष पूर्णिमा के उपलक्ष्य में त्रिपुर भैरवी जयंती स्वर्ण जयंती नगर स्थित वैदिक ज्योतिष संस्थान के कार्यालय पर मनाई गई । तीनों लोकों के अंतर्गत विध्वंस की जो शक्ति हैं, वह भैरवी हैं। देवी त्रिपुर-भैरवी विनाश, विध्वंस व मृत्यु के स्वामी महेश्वर के त्रिपुरारी रूप की शक्ति हैं, तथा यही महेश्वर के विध्वंसक प्रवृति की प्रतिनिधित्व करती हैं। विनाशक प्रकृति से युक्त देवी पूर्ण ज्ञानमयी हैं; विध्वंस काल उपस्थित होने पर तामस गुण प्रदात्री देवी अपने भयंकर उग्र रूप में महेश्वर संग उपस्थित रहती हैं। इनकी उपासना से सभी बंधन दूर होते हैं, यह उपासना भव-बन्ध-मोचन कहलाती है। यह बात संस्थान के आचार्य डॉ ब्रजेश शास्त्री जी महाराज ने भक्तों के बीच कही |
उन्होंने आगे कहा कि दुर्गा सप्तशती के अनुसार त्रिपुरभैरवी के उग्र स्वरूप की कांति हजारों उगते हुए सूर्य के समान हैं। दिगंबरा देवी श्यामल वर्ण की हैं व तीन खुले हुए नेत्रों से युक्त है व मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करती हैं व रुद्राक्ष, सर्पों व नरमुंड माला धारण किए हैं। इनके लम्बे काले घनघोर बाल हैं, चार भुजाओं से युक्त देवी अपने दायें हाथों में खड़ग व नरमुंड से निर्मित खप्पर धारण करती हैं तथा बायें हाथों से अभय तथा वर मुद्रा प्रदर्शित करती हैं। देवी का मुखमंडल अत्यधिक डरावना हैं। देवी का प्राकट्य मृत देह से है व इन्हीं की शक्ति मृत देह को पंचतत्व में विलीन करती हैं।बायें हाथों से वर व अभय मुद्रा प्रदर्शित करती हैं एवं कमल के आसन पर विराजमान हैं। इन्होंने ही, अठारह भुजा युक्त दुर्गा रूप में उत्तम मधु का पान कर महिषासुर नामक दैत्य का वध किया था।इनकी उपासना से सभी बंधन दूर हो जाते है ,सफलता एवं सर्वसंपदा की प्राप्ति होती है शक्ति साधना तथा भक्ति मार्ग में किसी भी रूप में त्रिपुर भैरवी की उपासना फलदायक ही है ,साधना द्वारा अहंकार का नाश हो व्यक्ति मनोनुकूल फल की प्रप्ति कर मोक्ष को प्राप्त करता है| रविवार को आचार्यं ब्रजेश शास्त्री के सानिध्य में विश्व में शान्ति सौहार्द तथा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की कामना से गौरव शास्त्री,मधुर वेदपाठी,वैभव शास्त्री ने यजमान लाला अमित अग्रवाल,कविता अग्रवाल द्वारा मार्गशीर्ष पूर्णिमा के उपलक्ष्य में महाकाली स्वरूपा देवी त्रिपुर भैरवी का विशेष पूजन प्रदोष काल में किया गया।त्रिपुर भैरवी के चित्र व यंत्र का विधिवत पूजन में तिल के तेल का दीप , गुग्ल धूप , रक्तचंदन से, आलता , लाल फूल मसूर, उड़द व अरहर के दाने गुड़ का भोग लगाकर तथा लाल चंदन की माला अर्पित की गई । पूजन उपरांत गरीबों को भोग व गर्म वस्त्र दान में दिए गए | इस अबसर पर पवन वार्ष्णेय,के के पंडित,रजनीश वार्ष्णेय,नितिन महेश्वरी,सुमित वर्मा,तेजवीर सिंह,शिवप्रकाश अग्रवाल,सचिन पाण्डेय, ध्रुव पंडित,कपिल शर्मा,पवन तिवारी,राहुल नवरत्न आदि भक्त उपस्थित रहे|

 

 

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