देश की 16 पार्टियों ने EVMs में गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। | चुनाव

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देश की 16 पार्टियों ने EVMs में गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। | चुनाव


Sunday, May 07 2017
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

देश की 16 पार्टियों ने EVMs में गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

नई दिल्ली.इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) में गड़बड़ी के आरोपों के बाद इलेक्शन कमीशन 12 मई को पॉलिटिकल पार्टियों के साथ मीटिंग करेगा। कमीशन ने बताया कि इसके लिए 7 नेशनल और 49 स्टेट लेवल पार्टियों को बुलाया है। हम पार्टियों को भरोसा दिलाएंगे कि चुनावों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें पूरी टेम्पर प्रूफ हैं। इनमें गड़बड़ी या छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं है। इसके बाद मई के आखिर में EVMs में टेम्परिंग को साबित करने के लिए ओपन चैलेंज (हैकाथन) होगी। बता दें कि इसी साल 5 राज्यों के असेंबली इलेक्शन के बाद आप, कांग्रेस, बीएसपी और एसपी समेत 16 पार्टियों ने मशीनों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। अगले साल तक मिलेंगी 15 लाख VVPAT... - 29 अप्रैल को चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी ने कहा था, ''आगे चुनावों में नई वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) के इस्तेमाल के लिए कमीशन ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्ट लिमिटेड को (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (ECI) को ऑर्डर दिया है। उम्मीद है कि सितंबर, 2018 तक करीब 15 लाख VVPAT मशीनें इस्तेमाल के लिए तैयार रहेंगी।'' - बता दें कि कुछ दिन पहले मोदी कैबिनेट ने VVPAT मशीनें खरीदने के लिए 3173 करोड़ रुपए फंड अप्रूव किया है, जिससे 16.15 लाख नई मशीनें खरीदी जाएंगी। कमीशन ने इसके लिए सरकार को प्रपोजल भेजा था। मशीनों की चेकिंग में आई थी गड़बड़ी - पिछले महीने मध्य प्रदेश और राजस्थान में बाई इलेक्शन से पहले VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) की चेकिंग के दौरान ईवीएम के दो अलग-अलग बटन दबाने पर कमल का फूल प्रिंट हुआ। जिसके बाद केजरीवाल ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया और एमसीडी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की। - कुछ दिन पहले दिल्ली नगर निगमों के चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद आप और कांग्रेस ने मशीनों पर फिर से सवाल उठाए। AAP पार्टी के नेताओं ने कहा कि ये मोदी नहीं, ईवीएम लहर है। लेकिन बाद में कुछ नेताओं ने माना कि हार के लिए पूरी तरह से EVMs को दोष देना सही नहीं, AAP अपनी कमियां भी तलाशे। क्या है VVPAT? - यह वोटिंग के वक्त वोटर्स को फीडबैक देने का एक तरीका है। इसके तहत EVM से प्रिंटर की तरह एक मशीन अटैच की जाती है। वोट डालने के 7 सेकंड बाद इसमें से एक रसीद निकलती है। इस पर सीरियल नंबर, नाम और उस कैंडिडेट का इलेक्शन सिम्बल होता है, जिसको आपने वोट डाला है। - ये रसीद मशीन से निकलने के बाद उसमें लगे एक बॉक्स में चली जाती है। ये वोटर को नहीं दी जाती। क्या है EVM कॉन्ट्रोवर्सी? - मायावती ने यूपी इलेक्शन में हार के बाद कहा था कि चुनाव जनता ने नहीं, EVM ने हराया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 325 सीट जीतकर भी बनावटी मुस्कराहट से साफ होता है कि चुनाव धांधली कराकर जीता है। - उत्तराखंड में हार के बाद हरीश रावत ने कहा था कि मोदी क्रांति और ईवीएम के चमत्कार को सलाम करता हूं। - वहीं, केजरीवाल ने कहा था, ''पंजाब में AAP का 20 से 25% वोट EVM के जरिए अकालियों को ट्रांसफर हो गया। मेरा मानना है कि हम जीत रहे थे और EVM में गड़बडी के असली कारण क्या थे, इसका मुझे पता नहीं है। अगर ईवीएम में गड़बड़ी की जाती है तो चुनावों का क्या मतलब? हमें पंजाब में सत्ता से बाहर रखने के लिए सारा खेल किया गया।''

 

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