ऑक्सीजन सप्लाई रुकना अगर मौतों का कारण नहीं तो कंपनी पर छापे क्यों, उठ रहे ये 5 सवाल | गोरखपुर

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ऑक्सीजन सप्लाई रुकना अगर मौतों का कारण नहीं तो कंपनी पर छापे क्यों, उठ रहे ये 5 सवाल | गोरखपुर


Saturday, August 12 2017
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

ऑक्सीजन सप्लाई रुकना अगर मौतों का कारण नहीं तो कंपनी पर छापे क्यों, उठ रहे ये 5 सवाल

गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में 6 दिन में हुई 63 बच्चों की मौत पर घमासान मच गया है. विरोधी योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं तो अब राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है. बच्चों की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी बताई गई. कंपनी ने भुगतान नहीं होने पर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी थी, जिसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई.

अब एक्शन में आते हुए पुलिस ने सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनीष भंडारी के कई ठिकानों पर दबिश दी और छापे मारा. खबर है कि मनीष भंडारी फरार है.

घटना के बाद से ही अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में है. ऐसे में कई सवाल भी उठ रहे हैं...

1. ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की सप्लायर की चेतावनी के बाद  सजग क्यों नहीं हुआ?

2. अगर सप्लायर ने ऑक्जीसन रोका था तो उसे ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया और जरूरी कदम उठाए गए?

3. सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का विवाद चल रहा था तो स्थानीय प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

4. स्वास्थ्य मंत्रालय की कोई जिम्मेदारी है क्या इस तरह की जरूरी व्यवस्थाएं बरकरार रखने में?

5. घटना से 2 दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अस्पताल के दौरे पर गए थे. उन्हें ऑक्सीजन की स्थिति और बच्चों की मौतों के बारे में क्यों नहीं बताया गया? बच्चों की मौत 7 अगस्त से ही शुरू हो गई थी.

 

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