भाजपा की यूपी कार्यसमिति में मोदी, शाह और योगी हुई जय जय कार | कानपुर

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भाजपा की यूपी कार्यसमिति में मोदी, शाह और योगी हुई जय जय कार | कानपुर


Thursday, October 12 2017
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

भाजपा की यूपी कार्यसमिति में मोदी, शाह और योगी हुई जय जय कार

जनसंघ का प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ था। इस गौरव से अभिभूत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने अपनी पहली कार्यसमिति की बैठक में पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल विहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए संकल्प लिया 'जब तक ध्येय न पूरा होगा, तब तक पग की गति न रुकेगी।' फिर उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के एक-एक वार्ड, सहकारी समितियों तथा उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों पर भाजपा को अपराजेय बनाने का आह्वान किया तो प्रतिउत्तर में पंडाल हामी में गूंज उठा।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर गुरुवार को कानपुर के पीएसआइटी, भौती में आयोजित प्रांतीय कार्यसमिति में संगठन और सरकार के समन्वय का ताना-बाना बुनते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष डा. पांडेय एक दूसरे के पूरक बनने को प्रतिबद्ध दिखे। डा. पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व को और मजबूत करने के साथ ही योगी सरकार की जय-जय की तो मुख्यमंत्री ने भी संगठन के लिए हर पल तत्पर रहने का भरोसा दिया। उद्घाटन सत्र में विशेष रूप से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र को उद्बोधन हुआ तो अतीत के संघर्षों की कहानी सुनाते हुए वह इस बात से आह्लादित थे कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का सपना पूरा हो रहा है। 

योगी ने दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष में चलाई गई योजनाओं का जिक्र किया तो प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन द्वारा चलाए गए 17 कार्यक्रमों की चर्चा की। इसके पहले योगी, प्रदेश भाजपा प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, महेंद्र पांडेय, कलराज मिश्र, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा समेत कई प्रमुख नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी के संयोजक प्रदेश मंत्री गोविंद नारायण शुक्ल थे जबकि कार्यसमिति का संचालन प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने किया। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी, विनय कटियार और डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी मौजूद थे। 

संगठन और सरकार की ओर से कार्यकर्ताओं को अनुशासन की सीख मिली तो सम्मान का भरोसा भी। हाल में कई जगह भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही धरना-प्रदर्शन कर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 'हमारा दायित्व और बढ़ जाता है कि हम अनुशासन एवं राजधर्म की मर्यादा का पालन करते हुए देश एवं प्रदेश की सरकारों के फैसलों को जन-जन तक पहुंचाएं। बोले, भाजपा सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। 

मुख्यमंत्री ने कार्यसमिति में एक बात पूरी तरह साफ कर दी कि कार्यकर्ताओ के पास आमजन के बीच जाने के लिए मुद्दा विकास का होगा। उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (एक जिला-एक उत्पाद) का जिक्र करते हुए कहा कि अगर मुरादाबाद पीतल के लिए पहचाना जाता है तो वहां पीतल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा, भदोही में कालीन उद्योग को विस्तार मिलेगा। योगी के मन में अन्त्योदय की भी बात थी। इसीलिए उन्होंने 1600 राजस्व ग्राम बनाने की भी घोषणा की। योगी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विकास की रोशनी नहीं पहुंची है, वहां सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। 

योगी ने केरल के संस्मरण भी सुनाए। भाजपा के 193 कार्यकर्ताओं की हत्या और सैकड़ों अन्य पर हमले का जिक्र करते समय वह भावुक हो गए। बोले कि आप खुशनसीब हैं कि बेहतर माहौल में काम कर रहे हैं। योगी ने वहां बन रहे माहौल पर कहा कि जनता हर जगह भाजपा से जुडऩे को तैयार है। 

कार्यसमिति में उपलब्धियां बताते हुए यह कहा गया कि अल्पसंख्यक मोर्चा ने संगठन के 84 जिलों में तीन तलाक विषय पर जिला स्तरीय संगोष्ठी की और इससे जागरुकता बढ़ी। मुस्लिम महिलाओं के अधिकार को लेकर संघर्ष का जज्बा जगा। यह भी बात आई कि इसमें 34 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रतिभाग किया।

भाजपा अपनी कार्यसमिति में मंथन से लेकर राजनीतिक प्रस्ताव लाने तक कांग्रेस, सपा और बसपा पर हमलावर रही।  सहकारिता मंत्री और अवध क्षेत्र के अध्यक्ष मुकुट बिहारी वर्मा ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस में भी विपक्षी दलों पर हमले के साथ ही सरकार की उपलब्धियां बताई गई। किसानों के हित में किये गये कार्य और पूर्ववर्ती सरकारों के कुशासन का जिक्र किया गया। बसपा शासन में बेची गई चीनी मिलों से क्षति और योगी सरकार द्वारा गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए उठाये कदम की चर्चा की गई है। इसके पहले अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा कि कांग्रेस, सपा एवं बसपा एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका छोड़कर निरंतर नकारात्मक प्रचार के जरिये पूरे प्रदेश के माहौल को खराब करने में लगा है। राजनीतिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा गया कि योगी को मुख्यमंत्री बनाकर जनता को संदेश दिया गया कि भाजपा भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस, अपराध मुक्त, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान सहित प्रदेश को विकसित राज्य बनाकर सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित है। नोटबंदी, जीएसटी और केंद्र की योजनाओं पर चर्चा की गई।

सहकारिता चुनाव पर एक अलग सत्र चला। अक्टूबर में ही सहकारिता चुनाव प्रस्तावित था लेकिन, शासन ने इसे टाल दिया। विमर्श में इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले समय में सहकारिता चुनाव होंगे। इसकी समितियों को योजनाओं के क्रियान्वयन योग्य बनाकर किसान  हितों को बढ़ावा देना है। डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने सहकारिता आंदोलन की हत्या की है।

 

 

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