पूर्व सांसद अफजाल का योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर आरोप | लखनऊ

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पूर्व सांसद अफजाल का योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर आरोप | लखनऊ


Friday, January 12 2018
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

पूर्व सांसद अफजाल का योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर आरोप

 भाजपा के विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में बांदा जेल में बंद बसपा के विधायक मुख्तार अंसारी के पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। बांदा जेल में तबीयत खराब होने के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में इलाज कराने के बाद बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी के वापस बांदा जेल भेजा गया है। 

तबीयत खराब होने के बाद भी मुख्तार अंसारी को फिर से बांदा जेल भेजने पर उनके भाई पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। अफजाल अंसारी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश सरकार को घेरा है। अफजाल अंसारी ने कहा कि सरकार को भी पता है कि बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा है।

बांदा में तो मुख्तार अंसारी जरा भी सुरक्षित नहीं है और इसकी आशंका वो पहले ही जता चुके हैं। मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल ने कहा कि जेल में मेरे भाई मुख्तार को हॉर्ट अटैक पड़ा था जिससे उनकी तबियत खराब हो गयी थी। उनके मुंह से गाज गिरने से उनकी पत्नी बेहोश हो गई थीं। मुख्तार अंसारी ने पहले ही कहा था कि मैं जेल में सुरक्षित नहीं हूं। मुख्तार ने आगरा व लखनऊ जेल से शिफ्ट होने पर आशंका जताई है।

अफजाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद मैंने किया था और फोन पर आग्रह किया कि सदन का सदस्य होने नाते उनके जीवन के संकट को देखते हुए संजय गांधी पीजीआई भेजने का अनुरोध किया था। बांदा के डीएम ने कहा कि डॉक्टरों की टीम के साथ वहां से पीजीआई रवाना किंया गया था। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि दोबारा अटैक के बाद संभावना कम होती है। इंजियोग्राफी के बाद कहा गया कि उनकी नसों में जरा भी ब्लॉकेज देखकर ऑपरेशन किया जाएगा।

अफजाल अंसारी ने कहा कि बांदा के लोग नहीं मानते है कि मुख्तार को जहर दिया गया है बल्कि इन्हें अटैक पड़ा था। पहले डॉक्टरों ने कहा 72 घण्टे का समय मांगा था उसके बाद उन्हें शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद बाद किसका फोन आया कि पूरा घटनाक्रम बदल गया जो 72 घण्टे में जाने को कह रहे थे वो तुरंत भेजने की बात कही गयी। डिस्चार्ज की फाइल पर लिखा गया था कि यात्रा न किया जाए फिर भी उन्हें जबरन भेज गया जो गलत है। अस्पताल के बजाय जेल क्यों भेज दिया गया। कौन सा दबाव में उन्हें भेज गया जेल और उन्हें अस्पताल में नहीं रखा गया।

उन्होंने कहा कि संजय गांधी पीजीआई में मुख्तार अंसारी से किसी विधायक व एमएलसी से मिलने नहीं दिया गया। मुझे मुख्तार से नही मिलने नही दिया गया। पुलिस के अधिकारी मेडिकल बुलेटिन तैयार कर रहे है, इसका क्या मतलब है। 

अफजाल अंसारी ने कहा कि गुनाह के मामले में किसी को राहत दी जा रही है ताकि उसका बयान न हो। बृजेश सिंह कि 1986 कि घटना को दबा रहे हैं। बृजेश पर इतनी मेहरबानी क्यों हैं। उनको घर बनारस में और मुख्तार को जेल में रखा गया है। इस सरकार पर बृजेश सिंह पर इतनी मेहरबानी समझ से परे है। 

लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई में भर्ती रहने के दौरान मुख्तार अंसारी से कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इनमें कुछ नेता समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के करीबी हैं। सपा से पूर्व विधायक अभय सिंह ने अपने समर्थकों के साथ मुख़्तार अंसारी से मुलाकात की। इसके अलावा कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया भी मुख़्तार से मिलने पहुंचे थे।

 

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