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मोबाइल कंपनियों ने अपने ग्राहकों को लुटने का नया तरीका खोजा, सरकार खामोश |


Tuesday, May 31 2016
Shashiven, Joint Editor ALL INDIA

मोबाइल कंपनियों ने अपने ग्राहकों को लुटने का नया तरीका खोजा, सरकार खामोश


हमारे बात करते करते क्या अचानक दूसरी तरफ से आ रही आवाज़ आनी बंद हो जाती है या फिर आपकी आवाज़ दूसरी तरफ नहीं जाती और आप हैलो-हैलो करते करते हुए फोन काट देते है। अगर इन दिनों आपके साथ ये सब ज्यादा हो रहा है तो तुरंत सावधान हो जाइए क्योंकि आपके मोबाइल आपरेटर ने आपको धोखे से लूटने की एक तकनीक खोजी है। इस पूरे मामले में भारत सरकार भी जागी है और ट्राई ने इस गंभीर विषय पर जांच के आदेश दिए है।

 

आज कल कॉल ड्रॉप पर बढ़ते दबाव के बाद इससे बचने के लिए बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने चोर दरवाजा ढूढ़ लिया है और वो ग्राहकों से ठगी पर उतर आई हैं। खास टेक्नोलॉजी के जरिए ग्राहको को बेवकूफ बनाया जा रहा है। दूरसंचार नेटवर्क से जुड़ी जांच में ये चौंकाने वाली बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां ड्रॉप कॉल की नाकामी पर पर्दा डालने के लिए  रेडियो-लिंक टेक्‍नोलॉजी यानी आरएलटी का इस्तेमाल कर रही हैं।

 

इस टेक्नोलॉजी के जरिए कॉल ड्रॉप होने पर भी आपकी कॉल तक तब कनेक्ट दिखती है, जब तक कि आप इसे खुद ही नहीं काट देते। पहले नेटवर्क ना होने की सूरत में अपने आप कॉल कट जाती थी। लेकिन अब चूंकि कॉल कनेक्टेड रहती है और मीटर चलता रहता है। बात ना होने की हालत में ग्राहक खुद फोन काटता है इसलिए इसे कॉल ड्रॉप भी नहीं माना जाता। यानी टेलीकॉम कंपनियों की चांदी और ग्राहकों की जेब पर हमला। साथ ही ट्राई को बताने के लिए अच्छा डेटा।

 

कॉल ड्राप को लेकर कंपनियां भले ही कुछ भी दलील दे लेकिन ये सच है कि कॉल ड्रॉप एक कड़वी हकीकत है। आरएलटी जैसी तकनीकि से वो अपनी नाकामी छुपाने और जेब भरने के जुगाड़ में लगी है। बेहतर होता कि वो ऐसा तरीका निकाले जिससे ग्राहकों को कॉल ड्रॉप की परेशानी से छुटकारा मिले।

 

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