यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)
UFH News Wheel

सब को खुश नहीं कर पाई सरकार, आम बजट से कई उद्योग नाराज दिखाई दिये/ | नयी दिल्ली


Wednesday, February 01 2017
Vikram Singh Yadav, Chief Editor ALL INDIA

सब को खुश नहीं कर पाई सरकार, आम बजट से कई उद्योग नाराज दिखाई दिये/

                                                                     UFH न्यूज़

नई दिल्ली,  वित्त मंत्री ने भले ही इस बजट को उद्योग व कारोबार जगत के लिहाज से सकारात्मक बनाने की हरसंभव कोशिश की हो लेकिन कई उद्योग हैं जो तवज्जो नहीं मिलने से खासे नाराज हैं। वैश्विक मंदी से जूझते देश के स्टील उद्योग और अमेरिका समेत अन्य विकसित देशों की चुनौतियों का सामना कर रही फार्मा उद्योग की कंपनियां ने बजटीय प्रस्तावों को लेकर उत्साहित नहीं है। इसी तरह से ऑटोमोबाइल उद्योग शुल्कों में राहत नहीं मिलने से नाराज है।

देश में बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाली स्टेनलेस उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा है कि उनकी मुसीबतों का कोई भी समाधान बजट में नहीं है। यह उद्योग सस्ते आयात से परेशान है लेकिन सरकार ने आयात शुल्क को नहीं बढ़ाया है। इस सेक्टर की उद्योग संस्था आईएसएसडीए ने कहा है कि वित्त मंत्री को जल्द से जल्द आयातित स्टेनलेस स्टील पर आयात शुल्क बढ़ा कर घरेलू उद्योग को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। यह नाराजगी स्टेनलेस स्टील उद्योग की हो सकती है लेकिन जहां तक स्टील उद्योग की बात है तो वहां सरकार ने भले ही सीधे तौर पर कुछ नहीं दिया हो लेकिन उन्हें इस बात से राहत है कि आवास व सड़क क्षेत्र को जिस तरह से बढ़ावा दिया गया है उसका फायदा उन्हें भी मिलेगा। 

फार्मा कंपनियों की नाराजगी यह है कि सरकार उस हालात पर ध्यान नहीं दे पाई है जिससे वे दो-चार हैं। मसलन, अमेरिका में नई सरकार की नीतियां भारतीय फार्मा कंपनियों के खिलाफ जा सकती हैं। ट्रंप प्रशासन की नीतियों से भारतीय फार्मा कंपनियों का निर्यात प्रभावित हो सकता है। इस बारे में सरकार से उन्हें कोई मदद मिली है। लेकिन उनकी एक नाराजगी यह भी है कि सरकार ने फार्मा सेक्टर के नियमन को लेकर जो उम्मीदें थी उसे भी पूरा नहीं कर पाई है।

सरकार की तरफ से पहले घोषणा की गई है कि वर्ष 2020 तक भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश बनाया जाएगा। लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं है जिससे भविष्य की दिशा तय होती दिख रही हो।

 

 

नवीन समाचार व लेख

राष्ट्रपति चुनावः कोविंद ने दाखिल किया नामांकन, कहा- संविधान सर्वोपरि

विवि में 100 प्रश्नपत्र रद्दी, केंद्रों से लौटे हजारों पेपर

चोर पेट्रोल पंपो पर कार्रवाई से बच रही योगी सरकार

शिक्षा विभाग का कारनामा, रिटायरमेंट के बाद भी मिलता रहा वेतन

फेसबुक पर किडनी बेचने को तैयार परेशान मां को मिली केरल से मदद